कनाडा के प्रधान मंत्री सीनियर और जूनियर ट्रूडो खिलाफ ही रहे भारत के- डिजायर न्यूज़

क्या कनाडा अपने देश में ही खालिस्तान बनाना चाहता है

कनाडा के प्रधान मंत्री सीनियर और जूनियर ट्रूडो खिलाफ ही रहे भारत के- डिजायर न्यूज़

डिजायर न्यूज़ नई दिल्ली – अभी हॉल ही में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो जी – 20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेन भारत आये थे , यहाँ उनके किसी भी आदर सत्कार मैं भारत सरकार ने कोई कमी नहीं छोड़ी , लेकिन जाते समय उनके प्लैन में खराबी आने की वजह से उनको तीन दिन यही रुकना पड़ा , जब की भारत सरकार ने उन्हे एयर इंडिया का प्लैन भी देने की पेशकश की लेकिन , उन्हे लेने के कनाडा से दूसरा प्लेन आया , ये सब देख कर कनाडा मीडिया ने उनका मज़ाक ही नहीं उड़ाया , साथ साथ आलोचना भी की। मीडिया और वहाँ के विपक्ष ने भी जस्टिन ट्रूडो पर हमला बोला। भारत के प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी आज विश्व के टॉप लीडर में से एक है और वो इतने सक्षम है कि किसी भी देश को अपनी भाषा में जवाब दे सकते है।

क्या कनाडा अपने देश में ही खालिस्तान बनाना चाहता है

क्या कनाडा अपने देश में ही खालिस्तान बनाना चाहता है ?

कनाडा की आज की हरकत से ये साबित हो गया है कि कनाडा अपने देश में ही खालिस्तान बनाना चाहता है , आज जस्टिन ट्रूडो की सरकार खालिस्तान के नाम पर जीते सांसदों के दम पर ही चल रही है। यही कारण है कि जस्टिन ट्रूडो खलिस्तानियो के उग्र प्रदर्शन को हमेशा रोकने में नाकाम रहे या यू कहे वो रोकना ही नहीं चाहते है। भारत में भाव न मिलने से बौखलाए कनाडाई PM, ने देश में पहुंचने के साथ ही अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया और जुटे आरोप लगा कर भारतीय राजनयिक को बर्खास्त कर दिया। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने भी कनाडा के सीनियर राजनयिक को यहाँ से जाने का आदेश जारी कर दिया।

सीनियर कनाडा के प्रधान मंत्री पियरे ट्रूडो ने भी दगा की थी ?

जैसे ही भारत ने मई 1974 में राजस्थान में पोखरण परमाणु परीक्षण किया उसके बाद कनाडाई सरकार क्रोधित हो गई. तत्कालीन प्रधान मंत्री पियरे ट्रूडो के पिता की क्रोध की वजह से राजनयिक संबंध खराब हो गए. दुर्भाग्य से यह तब हुआ जब पंजाब में खालिस्तान आंदोलन प्रमुखता प्राप्त कर रहा था. कनाडा के साथ पीढ़ीगत संबंधों के कारण कई सिखों ने राजनीतिक उत्पीड़न का हवाला देते हुए कनाडा में शरणार्थी का दर्जा मांगा. अचानक एक ऐसे देश में खालिस्तानियों की आमद हो गई, जिसने खराब संबंधों के कारण उनके अलगाववाद को रोकने के लिए कुछ नहीं किया. कनाडा में अपना ठिकाना बनाने वालों में तलविंदर सिंह परमार भी शामिल था, जिसे एयर इंडिया की फ्लाइट 182, कनिष्क पर आतंकवादी बम विस्फोट का मास्टरमाइंड माना गया, ब्रिटिश कोलंबिया के बर्नाबी शहर में स्थित परमार ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल का भी नेतृत्व किया था. तब भी प्रधान मंत्री पियरे ट्रूडो ने भारत का साथ देने से मन कर दिया था और भारत और कनाडा की रिश्ते ख़राब हो गए थे , वही इतिहास आज उनके बेटे ने खालिस्तान का समर्थन कर भारत पर ही आरोप लगा दिए।

हरदीप निज्जर हत्याकांड में लगाया ये आरोप

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्याकांड को लेकर मामला गर्माता जा रहा है। कनाडा ने शीर्ष भारतीय राजनयिक को बर्खास्त कर दिया है। समाचार एजेंसी ने बताया कि कनाडा ने भारतीय राजनयिक को निष्कासित कर दिया है। आरोप लगाया गया है कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ हो सकता है। हरदीप की कनाडा में 18 जून को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्याकांड को लेकर मामला गर्माता जा रहा है। कनाडा ने शीर्ष भारतीय राजनयिक को बर्खास्त कर दिया है। विदेश मंत्री मेलानी जोली ने जानकारी देते हुए बताया कि कनाडा सरकार ने सोमवार को एक भारतीय राजनयिक को निष्कासित कर दिया है। कनाडा ने भारतीय राजनयिक के निष्कासन का कदम उस समय लिया। जब पीएम जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्याकांड में भारत के हाथ होने का आरोप लगाया है।

पीएम जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा की संप्रभुता पर हमला बताया

कनाडा की संसद में पीएम जस्टिन ट्रूडो ने कहा था कि हरदीप सिंह निज्जर मर्डर केस में भारतीय एजेंसियों के हाथ होने की संभावना है और उसकी जांच की जा रही है. अगर ऐसा है तो कनाडा की संप्रभुता पर हमला है. इस बयान के बाद कनाडा की सरकार ने एक भारतीय राजनयिक को देश छोड़ने के लिए कहा. कनाडा की इस कार्रवाई को भारतीय विदेश मंत्रालय ने आलोचना की और अब एक्शन भी लिया है, कनाडाई राजदूत को विदेश मंत्रालय ने तलब किया और एक कनाडाई राजनयिक को भारत छोड़ने का फरमान सुनाया है. कनाडाई राजनयिक को पांच दिन के अंदर भारत छोड़ने का आदेश दिया है.

क्या कनाडा अपने देश में ही खालिस्तान बनाना चाहता है

पाकिस्तान बनता जा रहा कनाडा ?

खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के अलावा लखबीर सिंह उर्फ ​​लांडा, चरणजीत सिंह, उर्फ ​​रिंकू रंधावा , अर्शदीप सिंह, उर्फ ​​अर्श डाला , और रमनदीप सिंह उर्फ ​​रमन जज जैसे खूंखार गैंगस्टर ने कनाडा में पनाह ले रखी है. भारत ने इनमें से कई के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया है. लेकिन कनाडा की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो जब जी20 सम्मेलन के लिए भारत में थे तब पीएम मोदी ने उनके सामने खालिस्तान का मुद्दा उठाया था. कहा गया कि इस मुद्दे को लेकर ट्रूडो को अलग-थलग कर दिया गया था. अब ट्रूडो ने भारत पर एक खालिस्तानी आतंकी की हत्या में संलिप्तता के संगीन आरोप लगाए हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह बहुत बड़ा आरोप है जिसे साबित न कर पाने की सूरत में ट्रूडो को अपने राजनीतिक करियर से हाथ धोना पड़ सकता है.

कनाडा में भारत के बाद सबसे ज्यादा सिख आबादी

कनाडा में भारत के बाद सबसे ज्यादा सिख आबादी है. ये लोग मेहमानों की तरह अलग-थलग नहीं रहते, बल्कि राजनीति में भी एक्टिव हैं, और व्यापार में भी. हालात ये हैं कि वहां के पीएम को मजाक में जस्टिन सिंह ट्रूडो भी कह दिया जाता है. बाकी माइनोरिटी को छोड़कर ट्रूडो सिखों के लिए ज्यादा उदार रहे. यहां तक कि इसके लिए वे भारत की नाराजगी भी उठा रहे हैं.कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो इस बात पर जोर दिया कि कनाडा में उनके एक नागरिक की हत्या के पीछे दूसरे देश या सरकार की संलिप्तता को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा ट्रूडो ने भारत सरकार से इस मामले की जांच पूरी होने तक सहयोग की अपील की है। कनाडाई मीडिया के सूत्रों के मुताबिक, कनाडा के पीएम ट्रूडो ने ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के सामने खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या का मामला उठाया.

कनाडा आर्थिक तौर पर एक मजबूत राष्ट्र है. इसकी अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा सोना, जस्ता, तांबा और निकल जैसे प्राकृतिक संसाधनों के खनन पर निर्भर करता है, जिनका दुनिया भर में बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है. कई बड़ी तेल कंपनियों के साथ कनाडा भी तेल कारोबार में एक बड़ा खिलाड़ी है. हालांकि कनाडा की अर्थव्यवस्था में भारतीय मूल के लोगों के बड़ा योगदान है. कनाडा की व्यापार मंत्री मैरी एनजी ने अक्टूबर में भारत में प्रस्तावित व्यापार मिशन को स्थगित कर दिया है। मंत्री की प्रवक्ता शांति कोसेंटिनो ने बिना कोई कारण बताए कहा, ‘इस समय, हम भारत में आगामी व्यापार मिशन को स्थगित कर रहे हैं। आने वाले समय ही बताएगा कि भारत से रिश्ते ख़राब करके कनाडा को क्या फायदा होता है ?

संजीव शर्मा
एडिटर इन चीफ

 

 

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