उत्तराखंड -सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को आज 264 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका – जल्दी बाहर आने की उम्मीद – डिजायर न्यूज़

Uttarakhand - Today more than 264 hours have passed for the workers trapped in the Silkyara tunnel - hope to come out soon- Dzire News

उत्तराखंड -सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को आज 264 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका – जल्दी बाहर आने की उम्मीद – डिजायर न्यूज़

डिजायर न्यूज़ नई दिल्ली – उत्तराखंड के सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को आज 264 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है। 12 नवम्बर की सुबह 5:30 बजे हादसा हुआ था। जब अचानक ऊपर से मलबा गिरने की वजह से 41 मजदूर टनल में फंस गए थे। उम्मीद है कि आज मजदूर बाहर निकल पाएंगे। उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को निकालने के लिए बचाव अभियान आज 12 वें दिन भी जारी है। मंगलवार को सिलक्यारा सुरंग के भीतर फंसे मजदूरों की पहली तस्वीर सामने आई थी। इससे पहले टीम को सफलता मिली और छह इंच का दूसरा फूड पाइप मजदूरों तक पहुंचा दिया गया था। 12 नवम्बर से आज तक कितनी ही कठनाई आई , पर रेस्क्यू टीम के साथ साथ मजदूरों का भी हौसला है। कई दफ़ा मशीन भी ख़राब हुई , पर अब उम्मीद है कुछ ही घंटो में वो सकुशल बाहर होंगे।

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रात 12 बजे अफसरों ने बताया कि सुबह तक मजदूरों को निकाल लिया जाएगा। वहीं, मजदूरों के स्वागत और कुशलक्षेम पूछने के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी बुधवार शाम उत्तरकाशी पहुंच गए थे। बुधवार की सुबह 12:45 बजे से अमेरिकन ऑगर मशीन ने सुरंग के भीतर बचे हुए मलबे में 22 मीटर से आगे ड्रिल शुरू की। बुधवार का दिन अहम साबित हुआ। सुबह 11 बजे तक सुरंग में करीब 36 मीटर तक पाइप पहुंच चुका था। करीब 12 बजे एनएचआईडीसीएल के एमडी महमूद अहमद ने मीडिया को बताया कि 10 घंटे में करीब 18 मीटर पाइप आगे बढ़ गया है

ऑगर मशीन के आगे कुछ सरिया आ जाने से काम रुका जिन्हें कटर से काटकर मशीन फिर आगे बढ़ गई। रेस्क्यू बचाव अभियान से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, रात ऑगर मशीन के सामने जो सरियों की बाधा आई थी उसे एनडीआरएफ की टीम की मदद से गुरुवार सुबह करीब 3 बजे हटा दिया गया था। जल्द मजदूरों के बाहर आने की संभावना है। ऑगर ड्रिलिंग मशीन के आगे सरिया बाधा बन गई थी। कुछ देर बाद काम शुरू हुआ, लेकिन फिर पत्थर बीच में आ गया। दसवां और अंतिम पाइप डालने का काम जारी है। मिली जानकारी के मुताबिक दो से चार घंटे में ड्रिलिंग पूरी हो सकती है। अब तक 54 मीटर ड्रिलिंग हो चुकी है। 5 से 6 मीटर ड्रिलिंग ही बाकी है।

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बुधवार को उन्हें रोटी, सब्जी, खिचड़ी, दलिया, संतरे और केले भेजे गए। वहीं उन्हें टीशर्ट, अंडर गारमेंट, टूथपेस्ट और ब्रश के साथ ही साबुन भी भेजा गया। मजदूरों ने कपड़े बदले, मुंह हाथ धोया और भोजन किया है। उन्होंने बताया कि टेलीस्कोपिक कैमरे की मदद से सभी मजदूरों को देखा गया है।

मजदूरों के करीब तक 80 सेंटीमीटर व्यास वाली मजबूत पाइप डाला गया है, जिसमें घुसकर मजदूर आसानी से रेंगते हुए वापस निकल सकेंगे. 12 दिनों से मजदूर अंदर फंसे हुए हैं, ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि उनका एनर्जी लेवल कम हो गया होगा. अगर वे खुद बाहर आने में सफल नहीं होंगे तो बाहर से एनडीआरएफ के जवान अंदर जाकर उन्हें लाएंगे. अंदर फंसे मजदूर एनडीआरएफ की कड़ी निगरानी में पाइप के माध्यम से बाहर लाए जाएंगे. सुरंग के बाहर, श्रमिकों को चिन्यालीसौड़ में बने एक अस्थायी अस्पताल में ले जाने के लिए 41 एम्बुलेंस तैयार हैं. बचावकर्मियों ने कहा कि अस्पताल पहुंचने पर श्रमिकों की विस्तृत चिकित्सकीय जांच की जाएगी।

Uttarkhand-Tunnel-PM-Narinder-Modi-Dzire-News.
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद राहत और बचाव स्थल पर पहुंच गए हैं. उनके साथ केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग के मिनिस्टर ऑफ स्टेट जनरल वी के सिंह भी मौक पर होंगे. उत्तराखंड मुख्यमंत्री कार्यालय  की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सिल्कयारा सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों को बचाने की तैयारी अंतिम चरण में है और सीएम पुष्कर सिंह धामी खुद बुधवार (22 नवंबर) रात से ही उत्तरकाशी में मौजूद हैं. दुर्घटना को लेकर PM नरेंद्र मोदी ने भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर रेस्क्यू ऑपरेशन को अपडेट लिया था।

संजीव शर्मा
एडिटर इन चीफ

 

 

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