आसमान पर भी पी कर चला रहे प्लैन – डिजायर न्यूज़
Drunk piloting: How common is it really?
आसमान पर भी पी कर चला रहे प्लैन – डिजायर न्यूज़
डिजायर न्यूज़ नई दिल्ली- वैसे तो हर रोज कोई ना कोई घटना सामने आती ही रहती है कभी कोई पैसेंजर प्लैन के इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश करता है कोई किसी पर पेशाब कर देता है तो कोई नशे में क्रू मेंबर्स के साथ अभद्र व्यवहार कर देता है लेकिन अगर पायलेट या क्रू मेंबर ही अगर नशे में हो तो आप क्या कर सकते है। नव भारत टाइम्स में छप्पी रिपोर्ट आप को आस्चर्यचकित कर सकती है। कैसे एक पायलेट नशे की हालत में हज़ारो लोगो की जिंदगी के साथ खेल सकता है सड़क पर वाहन चलाने वाला शराबी ड्राइवर तो ज्यादा से ज्यादा 5 या 10 लोगो की ही जान ले सकता है लेकिन प्लेन में तो कई सो लोग एक दफा में सवार होते है और अगर पायलेट नशे की हालत में हो तो आप समझ सकते है कि इंसान की जिंदगी फिर किस के हाथ में होगी।
एयरलाइंस और डीजीसीए की लाख कोशिशों के बावजूद अभी भी कितने ही पायलट, एयर होस्टेस और अन्य क्रू मेंबर ऐसे हैं जो हवाई जहाजों का टेकऑफ कराने से पहले नशे में एयरपोर्ट पहुंचते हैं। इस साल जुलाई तक 40 पायलट ऐसे पकड़े गए जो नशे की हालत में हवाई जहाज उड़ाने आ गए। डीजीसीए सूत्रों ने बताया कि हवाई जहाजों की सेफ्टी और सिक्युरिटी पर उनकी पैनी नजर रहती है। इस साल 1 जनवरी से 31 जुलाई तक देशभर के तमाम हवाई अड्डों पर 40 पायलट ऐसे पकड़े गए जो नशे की हालत में हवाई जहाज उड़ाने आ गए थे लेकिन ब्रेथ एनालाइजर (बीए) टेस्ट में ये फेल हो गए। इन सभी को इनके घर भेज दिया गया। पर क्या घर भेजना सही है ? क्या स्टॉन्ग एक्शन नहीं होना चाहिए ?
साल 2022 में पूरे साल में 43 पायलट नशे की हालत में पाए गए थे, जबकि 2021 में 19 पायलट ऐसे मिले थे। इस साल 108 एयरहोस्टेस और फ्लाइट पर्सर भी बीए टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए। इस मामले में 2022 में 124 और 2021 में 39 एयर होस्टेस और फ्लाइट पर्सर बीए टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे। सूत्रों का कहना है कि इस साल जो 40 पायलट, 108 एयर होस्टेस और फ्लाइट पर्सर नशे की हालत में पाए गए, उनमें सात ऐसे थे जो ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। इनके पैर तक लड़खड़ा रहे थे। इसके बावजूद ये लोग हवाई जहाज उड़ाने आ पहुंचे।
फ्लाइट को टेकऑफ कराने से पहले पायलट, एयर होस्टेस और फ्लाइट पर्सर के होने वाले बीए टेस्ट के प्रति डीजीसीए के नियम खासे सख्त हैं। नियम कहते हैं कि जो पायलट या अन्य क्रू मेंबर पहली बार बीए टेस्ट में पॉजिटिव पाया जाता है, उसका लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड किया जाए। दूसरी बार पकड़े जाने पर उसका लाइसेंस तीन महीने के लिए और अगर तीसरी बार भी फेल हो गया तो लाइसेंस आजीवन सस्पेंड कर दिया जाता है। क्योंकि फिर यह माना जाता है कि पायलट नशे का आदी है। इस मामले में और भी सख्त नियम बनाए जाने की योजना है। फ्लाइट टेकऑफ कराने से पहले पायलट को कम से कम आठ घंटे पहले तक नशा नहीं करना चाहिए। टेस्ट में पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे फ्लाइट टेकऑफ कराने से रोक दिया जाता है।
संजीव शर्मा
एडिटर इन चीफ